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जैविक खाद और दवा

         जैविक खाद और दवा -  जैविक खाद बनाने की विधि


          खेतों में रसायन डालने से ये जैविक व्यवस्था नष्ट होने को है तथा भूमि और जल-प्रदूषण बढ़ रहा है। खेतों में हमें उपलब्ध जैविक साधनों की मदद से खाद, कीटनाशक दवाई, चूहा नियंत्रण हेतु दवा बगैरह बनाकर उनका उपयोग करना होगा। इन तरीकों के उपयोग से हमें पैदावार भी अधिक मिलेगी एवं अनाज, फल सब्जियां भी विषमुक्त एवं उत्तम होंगी। प्रकृति की सूक्ष्म जीवाणुओं एवं जीवों का तंत्र पुन: हमारी खेती में सहयोगी कार्य कर सकेगा।

जैविक खाद बनाने की विधि

 हम खेती में इन सूक्ष्म जीवाणुओं का सहयोग लेकर खाद बनाने एवं तत्वों की पूर्ति हेतु मदद लेंगे। खेतों में रसायनों से ये सूक्ष्म जीव क्षतिग्रस्त हुये हैं, अत: प्रत्येक फसल में हमें इनके कल्चर का उपयोग करना पड़ेगा, जिससे फसलों को पोषण तत्व उपलब्ध हो सकें।

दलहनी फसलों में प्रति एकड़ 4 से 5 पैकेट राइजोबियम कल्चर डालना पड़ेगा। एक दलीय फसलों में एजेक्टोबेक्टर कल्चर इनती ही मात्रा में डालें। साथ ही भूमि में जो फास्फोरस है, उसे घोलने हेतु पी.एस.पी. कल्चर 5 पैकेट प्रति एकड़ डालना होगा।

खाद बनाने के लिये कुछ तरीके नीचे दिये जा रहे हैं, इन विधियों से खाद बनाकर खेतों में डालें। इस खाद से मिट्टी की रचना में सुधार होगा, सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या भी बढ़ेगी एवं हवा का संचार बढ़ेगा, पानी सोखने एवं धारण करने की क्षमता में भी वृध्दि होगी और फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा। फसलों एवं झाड पेड़ों के अवशेषों में वे सभी तत्व होते हैं, जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है


खाद एक प्रकार का जैविक पदार्थ होता है जो की पेड़, पौधे और जानवरों के अवशेषों से बनता है, जिसे बैक्टीरिया और अन्य सुक्ष्म जीवों कीसहायता से कुछसमयावधी के लिए सड़ाया जाता है । इस प्रकार पत्ते, फलों की खाल और पशु खाद आदि खाद बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है ।

पौधे मिट्टी , पानी और हवा से पोषण लेने के लिए मिट्टी में पोषक तत्वों को सोखते है। यही कारण है कि हमेंमिट्टी मे हर साल उर्वरक मिलाना पड़ता है ।

कई सालों से,किसानों ने उनकी फसलों के लिए कृत्रिम खाद मुक्त खाद का इस्तेमाल करना शुरू किया है। जो जैविक कृषि के अन्तरगत आता है । खाद बचे हुए खाद्य पदार्थों और अन्य कतरे से बाहर घर पर बनाया जा सकता है जिस पर और लगभग कोई खर्च नहीं किया जाता है।

जैविक खादें
★  नाडेप
★  बायोगैस स्लरी
★  वर्मी कम्पोस्ट
★  हरी खाद
★  जैव उर्वरक (कल्चर)
★  गोबर की खाद
★  नाडेप फास्फो कम्पोस्ट
★  पिट कम्पोस्ट (इंदौर विधि)
★  मुर्गी का खाद

जैविक खाद तैयार करने के कृषकों के अन्य अनुभव
★  भभूत अमतपानी
★  अमृत संजीवनी
★  मटका खाद

जैविक पध्दति द्वारा व्याधि नियंत्रण के कृषकों के अनुभव
★  गौ-मूत्र
★  नीम- पत्ताी का घोल/निबोली/खली
★  मट्ठा
★  मिर्च/लहसुन
★  लकड़ी की राख
★  नीम व करंज खली

जैविक खेती हेतु प्रमुख जैविक खाद एवं दवाईयाँ:

 - गोबर की खाद
 - हरी खाद
 - वर्मी कम्पोस्ट
 - बायोगैस स्लरी
 - नाडेप 
 - जैव उर्वरक (कल्चर)
 - नाडेप फास्फो कम्पोस्ट
 - पिट कम्पोस्ट (इंदौर विधि)
 - मुर्गी का खाद 

        
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